हमास ने पिछले दो दिनों के दौरान पूर्वी कुद्स और मस्जिदे-अक्सा में इज़राइली कार्रवाई, तल्मूदी धार्मिक कार्यक्रमों और दमनात्मक कदमों में बढ़ोतरी को लेकर चेतावनी दी है।
हमास ने एक बयान में कहा कि कुद्स को सैन्य छावनी में बदलना, वहां के फिलिस्तीनी निवासियों पर दबाव बढ़ाना और मस्जिदे-अक्सा में यहूदी अतिक्रमणकारियों के प्रवेश तथा उनके धार्मिक कार्यक्रमों को सुरक्षा देना, शहर और उसके पवित्र स्थलों की पहचान को बदलने की कोशिश है।
बयान में विशेष रूप से बाब अल-क़तानिन और मस्जिदे-अक्सा के सहन में हुई कार्रवाइयों का उल्लेख किया गया।
हमास के अनुसार, इन घटनाओं के दौरान ज़ायोनी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन-ग्वीर, नेसेट सदस्य अमित हलेवी और कई अन्य अधिकारी तथा यहूदी अतिक्रमणकारी भी मौजूद थे।
हमास ने कहा कि बल प्रयोग के जरिए नई वास्तविकता थोपने और मस्जिदे-अक्सा की इस्लामी पहचान बदलने की कोशिशें सफल नहीं होंगी।
हमास ने कुद्स, पश्चिमी तट और 1948 के कब्जे वाले क्षेत्रों में रहने वाले फिलिस्तीनियों से मस्जिदे-अक्सा में अपनी मौजूदगी और उसकी सुरक्षा जारी रखने की अपील की।
साथ ही, हमास ने अरब और मुस्लिम देशों से मस्जिदे-अक्सा और कुद्स के खिलाफ बढ़ती कार्रवाइयों पर तत्काल और गंभीर कदम उठाने तथा पवित्र स्थलों की सुरक्षा के लिए दबाव बनाने की मांग की।
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